पटना , जनवरी 29 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरूवार को 'एग्रीस्टैक' परियोजना की प्रगति को लेकर एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से एग्रीस्टैक के अंतर्गत चल रहे कार्यों और अब तक की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि 02 फरवरी से 06 फरवरी तक राज्य भर में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इस प्रणाली से जोड़ा जा सके।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े राज्य के सभी जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें राज्य हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि एग्रीस्टैक के कार्यों में तेजी लाई जाए जिससे हम जल्द से जल्द इस परियोजना के दूसरे चरण में प्रवेश कर सकें। उन्होंने कहा कि जो जिले पीएम किसान योजना से लाभान्वित किसानों का 50 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य पूरा करेंगे, उन्हें सरकार द्वारा 1.5 लाख रुपये की राशि देकर पुरस्कृत किया जाएगा। जिन जिलों के लिए 35 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उन्हें यह लक्ष्य पूरा करने पर 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी),वसुधा केंद्रो के माध्यम से ली जाने वाली 15 रुपए की सेवा शुल्क अब नहीं ली जाएगी । इसका वहन संबंधित विभाग द्वारा किया जाएगा, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों में से कम से कम 50 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति संतोषजनक है, वहां और बेहतर प्रदर्शन के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएं।
बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने बताया कि राज्य के सभी जिलाधिकारियों प्रत्येक रैयत किसान की फार्मर आईडी अनिवार्य रूप से तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुगम एवं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
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