नयी दिल्ली , फरवरी 14 -- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहरों में बुनियादी ढांचों के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये के अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) को मंजूरी प्रदान की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि यूसीएफ के तहत परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार कुल एक लाख करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देगी जिससे चार लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचों का विकास होगा।

केंद्र सरकार यूसीएफ से परियोजना राशि के 25 प्रतिशत के बराबर योगदान देगी, बशर्ते कम से कम 50 प्रतिशत राशि बाजार से म्यूनिसिपल बॉन्ड, बैंक लोन और सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) के जरिये जुटायी गयी हो। शेष राशि का योगदान राज्य सरकारें और शहरी निकाय अपनी तरफ से या अन्य माध्यमों से कर सकते हैं।

इसके लिए 10 लाख या उससे अधिक की आबादी वाले सभी शहर पात्र होंगे। ऐसे शहरों की अनुमानित संख्या 2,025 है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों के मामले में आबादी की कोई सीमा नहीं है। इसके अलावा एक लाख या उससे अधिक की आबादी वाले सभी मुख्य औद्योगिक शहर भी यूसीएफ का लाभ लेने के पात्र होंगे।

राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें अपनी परियोजनाओं में वित्तीय मदद के लिए केंद्र के पास आवेदन करेंगी जिनके समाज और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों के आंकलन के आधार पर उसे यूसीएफ के तहत वित्तीय मदद देने या न देने का फैसला किया जायेगा।

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