चंडीगढ़ , मार्च 30 -- पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश दिया है कि वे मंडियों में इस बात पर पैनी नजर रखें कि बाहरी राज्यों का गेहूं पंजाब में न बिकने पाए। उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती जिलों में सख्त सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
श्री कटारूचक्क ने सोमवार को कहा कि एक अप्रैल से शुरू हो रहे खरीद सीजन के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से मंडियों का दौरा करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के निर्देश दिए। राज्य को अप्रैल महीने के लिए 30,973 करोड़ रुपये की नगद ऋण सीमा (सीसीएल) प्राप्त हो चुकी है। राज्य को हालांकि 122 लाख टन खरीद का लक्ष्य मिला है, लेकिन विभाग ने 132 लाख टन गेहूं की खरीद के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। उन्होने कहा कि अब तक 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं, जबकि जिला स्तरीय समितियों से 266 अतिरिक्त अस्थायी यार्ड बनाने के प्रस्ताव मिले हैं। इस सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
उन्होंने हर मंडी में साफ-सफाई, बिजली और पीने के साफ पानी के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए। साथ ही तिरपाल और लकड़ी के क्रेट्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होने निरीक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे मंडियों में बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करें। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति के संबंध में उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
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