नयी दिल्ली , दिसंबर 28 -- इंडिगो संकट के समय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा स्थापित एकीकृत यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (पीएसीआर) के जरिये यात्रियों की शिकायतों का अब कम समय में समाधान हो रहा है।

दिल्ली के राजीव गांधी उड़ान भवन स्थित नागरिक उड्डयन मंत्रालय में स्थापित इस पीएसीआर में मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और सभी विमान सेवा कंपनियों के प्रतिनिधि एक साथ बैठते हैं। सोशल मीडिया पर मंत्रालय को टैग करते हुए जब भी कोई शिकायत आती है तो मंत्रालय के प्रतिनिधि संबंधित एयरलाइंस से बात करते हैं और जल्द से जल्द समाधान का निर्देश देते हैं।

इंडिगो संकट के समय नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा के निर्देश पर 10 दिसंबर को पीएसीआर की शुरुआत की गयी थी। मंत्रालय के पहले से चल रहे शिकायत निवारण तंत्र एयर सेवा पोर्टल को भी इसी में मिला दिया गया है। तब से अब तक यहां 13 हजार से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है जिसमें 03 दिसंबर से 09 दिसंबर के बीच प्राप्त 3,200 से ज्यादा शिकायत भी शामिल हैं।

मंत्रालय में उप-महानिदेशक प्रमोद कुमार ठाकुर ने बताया कि पीएसीआर अब स्थायी तंत्र बन गया है और यह आगे भी जारी रहेगा। यह हर दिन चौबीसों घंटे काम कर रहा है।

इंडिगो ने दिसंबर के पहले सप्ताह में चार हजार से अधिक उड़ानें रद्द की थीं। इस कारण लाखों यात्री अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच सकें और हजारों यात्री कई-कई घंटे तक विभिन्न हवाई अड्डों पर फंसे रहे। इस कारण, दिसंबर अचानक शिकायतों की संख्या में भी भारी इजाफा देखा गया। डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में जहां शिड्यूल विमान सेवा कंपनियों को यात्रियों से संबंधित 1,196 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, वहीं इस महीने 03 से 26 दिसंबर तक 13,468 शिकायतें प्राप्त हुईं और 13,061 का समाधान किया गया। इनमें 10,410 शिकायतें एयर सेवा पोर्टल के माध्यम से, 1,324 एयर सेवा ई-मेल के माध्यम से और 1,734 सोशल मीडिया के जरिये प्राप्त हुए हैं।

पीएसीआर में मौजूद इंडिगो के ग्राहक अनुभव विभाग के निदेशक प्रतीक अर्जुन सेन ने बताया कि अब चीजें सामान्य हो गयी हैं। उन्होंने बताया कि अब उतनी शिकायतें नहीं आ रही हैं। यह पहला अनुभव है जहां मंत्रालय, डीजीसीए और सभी विमान सेवा कंपनियों के प्रतिनिधि एक साथ मिलकर यात्रियों की शिकायतें दूर करने के लिए काम कर रहे हैं। एयरलाइंस की तरफ से पूरा प्रयास है कि यात्रियों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाये।

एयर इंडिया एक्सप्रेस की 'कस्टमर हैपिनेस टीम' की लीजा अग्रवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर हर दिन 500 के करीब शिकायत और पूछताछ संबंधी पोस्ट आते हैं। दो सप्ताह पहले कोहरे के दौरान शिकायतें ज्यादा आयी थीं, लेकिन अब सब सामान्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यात्री आम तौर पर उड़ानों में देरी, अपने सामान आदि को लेकर शिकायत करते हैं।

अकासा एयर के शहबाज आलम ने बताया कि ज्यादातर शिकायतें उड़ानों के रद्द होने और रिफंड के बारे में होती हैं। रोजाना लगभग 15-16 शिकायतें आती हैं।

स्पाइसजेट के सहायक प्रबंधक (परिचालन) अजीत तिवारी ने बताया कि मंत्रालय की तरफ से हर रोज दो से पांच शिकायत एयरलाइन के प्रतिनिधि तक पहुंचती है जिनका समाधान तय समय सीमा में कर दिया जाता है। ज्यादातर शिकायतें उड़ानों में देरी के बारे में होती हैं।

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