बीजिंग , फरवरी 02 -- आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेज़ी से बढ़ते इस्तेमाल और उसकी बढ़ती ऊर्जा खपत के बीच चीन अब पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के विकल्प के रूप में ऑप्टिकल चिप्स पर बड़ा दांव लगा रहा है।
इन चिप्स को फ़ोटोन चिप्स भी कहा जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये चिप्स भविष्य में एआई की प्रोसेसिंग रफ्तार बढ़ाने और बिजली की खपत कम करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
ऑप्टिकल चिप्स ऐसे सेमीकंडक्टर होते हैं, जो बिजली (इलेक्ट्रॉन्स) की बजाय रोशनी (फोटॉन्स) के ज़रिये सूचना को प्रोसेस करते हैं। फोटॉन्स बहुत तेज़ गति से चलते हैं और इनमें गर्मी के रूप में ऊर्जा का नुकसान नहीं होता, इसलिए ये चिप्स पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक चिप्स की तुलना में ज़्यादा तेज़ और ऊर्जा-कुशल हो सकते हैं। फिलहाल इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल सेंसर, डेटा संचार और बायोमेडिकल उपकरणों में हो रहा है।
ऑस्ट्रेलिया की सिडनी यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञानी बेन एग्लटन के अनुसार, पिछले एक दशक में चीन ने इस क्षेत्र में रणनीतिक रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी क्षमता और प्रतिभा में निवेश किया है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में चीन से फोटोनिक चिप्स पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध पत्रों की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी देखने को मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा चीन को अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक चिप्स और उनके निर्माण उपकरणों की आपूर्ति पर लगाये गये प्रतिबंधों के बाद, चीन ने उच्च प्रदर्शन करने वाले कंप्यूटिंग के वैकल्पिक रास्तों की तलाश तेज़ कर दी है। शंघाई स्थित फुदान यूनिवर्सिटी के सामग्री वैज्ञानिक ज़ेंगगुआंग चेंग के मुताबिक, चीन की 14वीं पंचवर्षीय योजना में फोटोनिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग को खास महत्व दिया गया है और सरकार की ओर से निरंतर वित्तीय सहायता मिल रही है।
हाल ही में चीनी वैज्ञानिकों ने 'लाइटजेन' नाम की एक एआई चिप विकसित करने का दावा किया है, जो पूरी तरह से ऑप्टिकल है। इस चिप में विशेष नैनो-स्ट्रक्चर वाली परतों (मेटासर्फ़ेस) का इस्तेमाल कर लाखों "फोटोनिक न्यूरॉन्स" को एक ही चिप में समाहित किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह चिप तस्वीरें और वीडियो बनाने, उन्हें एडिट करने और यहां तक कि 3डी सीन तैयार करने में सक्षम है।
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