चंडीगढ़ , मई 01 -- ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के प्रतिनिधिमंडल ने लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफ जान से मुलाकात की और लद्दाख विद्युत विकास विभाग के प्रस्तावित संयुक्त उद्यम के खिलाफ विरोध जताया।

संगठन ने इसे बिजली विभाग के निजीकरण की दिशा में एक कदम करार दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने किया और इसमें लद्दाख पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कोंचोक इशे और वरिष्ठ उपाध्यक्ष आगा मुर्तजा के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। बैठक के दौरान श्री दुबे ने सांसद को बताया कि आरईसी पीडीसीएल के साथ प्रस्तावित संयुक्त उपक्रम के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से विभाग का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों, उपभोक्ताओं और लद्दाख के रणनीतिक हितों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

सांसद मोहम्मद हनीफ जान ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को गृह मंत्री के समक्ष लेह और दिल्ली दोनों जगह उठाएंगे तथा संसद में भी आवाज बुलंद करेंगे।

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