विजयवाड़ा , मार्च 10 -- अखिल भारतीय समाचार पत्र कर्मचारी महासंघ (एआईएनईएफ) ने मंगलवार को केंद्र सरकार से देश के मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए रियायती रेलवे पास बहाल करने की मांग की है।

एक बयान में महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चलादी पूर्णचंद्र राव ने कहा कि रेल मंत्री ने मार्च 2020 में कोविड-19 का हवाला देते हुए पत्रकारों के रियायती रेलवे पास रद्द करने की घोषणा की थी, लेकिन यह सुविधा अब तक बहाल नहीं की गयी है। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि देश के पत्रकारों ने लंबे संघर्ष के बाद रेलवे पास की सुविधा हासिल की थी, लेकिन रेलवे ने उन्हें इस सुविधा से वंचित कर दिया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।

श्री राव ने कहा कि जब भारत सरकार कॉर्पोरेट संस्थाओं को हजारों करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दे रही है तो पत्रकारों को रेलवे पास देना कोई महंगा सौदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे कई वर्षों से पत्रकारों को 50 प्रतिशत रियायत के साथ पास प्रदान कर रहा था और पत्रकारों को उम्मीद थी कि उन्हें 100 प्रतिशत रियायत मिलेगी , हालांकि इसके उलट राजग सरकार ने इसे पूरी तरह खत्म कर दिया। श्री राव ने मांग की कि केंद्र सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र के दौरान इस मामले पर विचार करे और पत्रकारों को 'विशेष श्रेणी' मान कर उनके पास बहाल करने की घोषणा करे। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री से भी अपील की कि पत्रकारों के वाहनों को सेना, अर्धसैनिक और अन्य बलों की तरह ही नेशनल हाईवे टोल गेट शुल्क से छूट दी जाये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित