नैनीताल , जनवरी 31 -- उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनाये जाने के मामले की जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की ओर से शनिवार को हल्द्वानी कैम्प कार्यालय में जनता दरबार में जन सुनवाई की गई। इस दौरान विभिन्न प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुईं। एक शिकायत कर्ता की ओर से कहा गया कि उधमसिंह नगर जिले के किच्छा तहसील में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों के अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाण पत्र बनाये गये हैं।

कुछ लोगों ने फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी भी प्राप्त कर ली है। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री (सीएम) पोर्टल के साथ ही संबंधित अधिकारियों से भी की गई लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही हुई।

इस मामले को गम्भीरता से लेते हुये श्री रावत ने ऊधमसिंह नगर के अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय को तलब कर जांच के आदेश दिये। उन्होंने कहा कि इस मामले की जल्द जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

इसके अलावा राज्य में पिछले साल आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में तैनात 85 स्वयंसेवकों को एक साल से 36 लाख रुपए के मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने को मुख्यमंत्री के सचिव ने गंभीरता से लेते हुए इवेंट कंपनी के प्रबंध निदेशक 14 फरवरी तक शतप्रतिशत भुगतान के निर्देश दिए। भुगतान न होने पर संबंधित कंपनी के ख़िलाफ़ क्रीड़ाधिकारियों को मामला दर्ज करने के भी निर्देश दिए हैं।

यही नहीं श्री रावत के संज्ञान में लाया गया कि रूद्रपुर के दानपुर क्षेत्र में 24 लोगों के द्वारा भूमि क्रय की गई। रजिस्ट्री एवं दाखिल खारिज भी हो गया है लेकिन कालोनाइजर द्वारा कब्जा नहीं दिया गया है। आयुक्त श्री रावत ने उपजिलाधिकारी रूद्रपुर एवं तहसीलदार को मामले की जांच कर कब्जा दिलाने के निर्देश दिये हैं।

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