गोरखपुर , फरवरी 04 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के संवेदनशील प्रयासों से गोरखपुर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश में कैंसर उपचार के लिए मरीजों की दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों की भागदौड़ कम हुई है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो राकेश कुमार रावत ने कहा कि मरीजो को मंडल मुख्यालय के सरकारी चिकित्सा तंत्र से ही इलाज की महत्वपूर्ण सेवा मिल जा रही है। गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डे केयर कीमोथेरेपी मॉडल इलाज के लिए कैंसर मरीजों का बड़ा संबल बन रहा है।
डॉक्टर रावत ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कैंसर मरीजों का इलाज 2009 से ही हो रहा है लेकिन सुविधा बढ़ने के बाद इलाज के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि 2017 से हुई। 2017 से लेकर दिसंबर 2025 तक मेडिकल कॉलेज की आंकोलॉजी ओपीडी में एक लाख से अधिक मरीज विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श ले चुके हैं। इसके साथ ही कैंसर के उपचार में अत्यंत महत्वपूर्ण कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी की सुविधा भी मरीजों को काफी राहत दे रही है।
2017 के बाद दिसंबर 2025 तक 31 हजार से अधिक कीमोथेरेपी डे केयर एडमिशन हुए हैं। इसी अवधि में 2800 मरीजों की 60 कोबाल्ट मशीन से रेडियोथेरेपी की सेवा दी गई।
उन्होंने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप कैंसर मरीजों को एक ही छत के नीचे सस्ता और आधुनिक इलाज मिल रहा है। डे केयर कीमोथेरेपी के लिए विभाग में 15 बेड उपलब्ध हैं।अत्याधुनिक डे.केयर सेंटर में मरीजों को भर्ती किए बिना कुछ ही घंटों में कीमोथेरेपी देकर घर भेज दिया जाता है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय में कैंसर मरीजों को भर्ती करने के लिए 15 बेड रिजर्व रहते हैं। यहां आयुष्मान योजना से आच्छादित मरीजों की मुफ्त इलाज किया जाता है। जल्द ही सरकार मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग को उच्चीकृत केंद्र बनाने जा रही है।
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