भोपाल , अप्रैल 10 -- केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि किसानों को 'किसान आईडी-कार्ड' के जरिये उर्वरकों का वितरण होगा ताकि कोई हेराफेरी न हो।
श्री चौहान मध्य प्रदेश के रायसेन में कल से शुरू होने जा रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय कृषि मेले की पूर्व संध्या पर यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
श्री चौहान ने कहा कि कुछ उर्वरकों का इस्तेमाल औद्योगिक काम में करने जैसी हेराफेरी की शिकायतें मिली हैं, इसीलिए उर्वरकों के वितरण को किसान आईडी से जोड़ने की योजना है। इससे किसानों को उनकी खेती की जोत के हिसाब से उर्वरक उपलब्ध कराये जाएंगे। अगर किसी किसान में अपना खेत बटाई पर दे रखा है तो वह बटाईदार को उर्वरक लेने के लिए लिखकर अधिकृत कर सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हरियाणा और मध्य प्रदेश में इस योजना का परीक्षण किया गया है और इसके परिणाम अच्छे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में करीब नौ करोड़ 30 लाख किसानों को किसान आईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं, और कुल 13 करोड़ किसानों को आईडी जारी करने का कार्यक्रम तेजी से चल रहा है।
श्री चौहान ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बाबजूद सरकार ने किसानों के लिए जरूरी उर्वरकों की आपूर्ति का पूरा प्रबंध कर रखा है, लेकिन खेती की इस जरुरी चीज को किसी अन्य काम में न लगाया जाए , इसके लिए किसानों को उनके पहचान पत्र के आधार पर उर्वरक वितरित करने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों को कृषि सामग्री की कमी नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि भू राजनीतिक परिस्थितियों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों के बढ़ने के बावजूद सरकार अपने किसानों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डाल रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने मंत्रिमंडल की पिछली बैठक में उर्वरक सब्सिडी के लिए 4100 करोड रुपए से अधिक के अतिरिक्त प्रावधान का उल्लेख किया।
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