, Feb. 3 -- टोक्यो, 03 फरवरी (वार्ता/शिन्हुआ) जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुके तेत्सुया यामागामी के बचाव पक्ष ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला किया है। जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार, अपील दायर करने की समय-सीमा बुधवार को समाप्त हो रही है, जिसे देखते हुए यामागामी के वकीलों ने फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है।
नारा जिला अदालत ने 21 जनवरी को 45 वर्षीय यामागामी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी। अदालत ने उन्हें जुलाई 2022 में नारा शहर की एक सड़क पर चुनाव प्रचार भाषण के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या सहित अन्य आरोपों में दोषी ठहराया था। यामागामी ने आबे की हत्या एक देसी तौर पर बनाए गए हथियार से की थी।
मुकदमे के दौरान यामागामी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए कहा था कि उसने यह हत्या यूनिफिकेशन चर्च के प्रति गहरी नाराज़गी के चलते की। उसका दावा था कि उसकी मां द्वारा उस धार्मिक संगठन को दिये गये भारी चंदे के कारण उसका परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया था। यामागामी का मानना था कि इस चर्च के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे और अन्य जापानी राजनेताओं से करीबी संबंध थे।
बचाव पक्ष ने अदालत से अधिकतम 20 वर्ष की सजा देने का अनुरोध किया था। वकीलों का तर्क था कि यामागामी स्वयं एक धार्मिक संगठन की कथित गतिविधियों से प्रभावित पीड़ित है और उसका 'दुखद' पारिवारिक जीवन ही इस अपराध के पीछे मुख्य कारण बना।
नारा जिला अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी की पारिवारिक पृष्ठभूमि और परिस्थितियां इतनी निर्णायक नहीं थीं कि उन्हें हत्या जैसे गंभीर अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सके। इसी फैसले को अब बचाव पक्ष ने उच्च अदालत में चुनौती देने का निर्णय लिया है।
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