चंडीगढ़ , अप्रैल 19 -- हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने आगामी नगर निकाय और पंचायती राज चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किये हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवार को अपने आपराधिक मामलों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा, ताकि मतदाता जागरूक होकर मतदान कर सकें।
निर्देशों के अनुसार, जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले लंबित हैं या सजा हो चुकी है, उन्हें कम से कम दो समाचार पत्रों (एक हिंदी एवं एक अंग्रेज़ी) में तीन अलग-अलग तिथियों पर जानकारी प्रकाशित करनी होगी। यह प्रक्रिया नाम वापसी की तिथि से मतदान से दो दिन पहले तक पूरी करनी होगी। साथ ही, स्थानीय टीवी या केबल नेटवर्क पर भी तीन बार इसका प्रसारण करना अनिवार्य रहेगा।
निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह नियम राजनीतिक दलों पर भी लागू होगा। दलों को अपने उम्मीदवारोंके आपराधिक विवरण वेबसाइट, टीवी चैनलों और समाचार पत्रों में प्रकाशित करने होंगे। चुनाव के 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट जमा करना भी जरूरी होगा।
उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों का उद्देश्य लोकतंत्र में पारदर्शिता बढ़ाना और मतदाताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
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