अहमदाबाद , दिसंबर 28 -- केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को यहां कहा कि उमिया फाउंडेशन ने उमिया माता के प्रति लोगों में श्रद्धा जगाने का कार्य किया है।
श्री शाह ने कहा कि विश्व उमिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित युवा बिजनेस महासम्मेलन - 2025 में करीब 15 हजार युवा इकट्ठे हुए हैं। आज यहां विश्व उमिया फाउंडेशन के एक ऐप का भी उद्घाटन हुआ है, जिसके माध्यम से गुजरात सरकार ने बेहद प्रोफेशनल तरीके से पाटीदार समाज के युवाओं के लिए बिज़नेस के संरक्षण, संवर्धन और वृद्धि के लिए सारी जरूरते पूरी करने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि आज के युग में सूचना बहुत बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि बेशक मन में उमंग, उत्साह, क्षमता हो, लेकिन अगर मार्गदर्शन न हो तो काफी दिक्कतें होती हैं। इस कार्यक्रम में समाज एकत्र हुआ है, समाज की शिक्षा की चिंता करनेवाला संगठन भी उपस्थित है और गुजरात व देश के अर्थतंत्र को गति देने का उद्देश्य भी है।
श्री शाह ने कहा कि मां उमिया का मंदिर सनातन धर्म का ऐसा केन्द्र बनने वाला है, जिसने संस्कृति को भी जमीन पर उतारा है। एक ही स्थान पर समाज, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को तकनीकी एक्सपोजर का मौका मिलेगा। लॉन्च हुए ऐप के माध्यम से क्लाइंट, उपदेशक, करियर, अवसर और बाजार के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि उमिया फाउंडेशन की स्थापना 16 दिसंबर, 2016 को हुई थी और तब से आज तक निरंतर इसका काम आगे बढ़ा है। उमिया फाउंडेशन ने मां उमिया के प्रति गुजरात और गुजरात के बाहर सभी लोगों में असीम श्रद्धा जगाने का कार्य किया है। पाटीदार समाज और पूरे गुजरात को मां उमिया के तहत एकत्र होकर सनातन धर्म की मजबूत धरोहर और शाखा बनाने के लिए उमिया फाउंडेशन ने बहुत सुंदर कार्य किया है।
श्री शाह ने कहा कि फाउंडेशन ने सैंकड़ों युवाओं को छात्रवृत्ति देकर उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाने, विकास और प्रकृति के संतुलन के लिए वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाने और समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए प्रशंसनीय पुरुषार्थ किया है।
उन्होंने कहा कि कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के विकास के लिए स्टार्टअप इंडिया, स्टैन्ड अप इंडिया, मुद्रा योजना, वोकल फोर लोकल और लोकल फोर ग्लोबल तक की चैन तैयार की है। वर्ष 2014 में पूरे देश में स्टार्टअप की संख्या 500 थी, आज यह दो लाख छह हजार हो चुकी है। इन 2.06 लाख स्टार्टअप्स के माध्यम से आज 18 लाख स्थायी रोजगार सर्जन हुआ और लाखों लोगों को अस्थायी रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि 2014 में 500 में से चार युनिकॉर्न स्टार्टअप्स भारत में थे, आज देश में 120 युनिकॉर्न स्टार्टअप्स हैं।
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