श्रीनगर , अप्रैल 11 -- जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय-कश्मीर को पहली बार नियंत्रित परिस्थितियों में दुर्लभ और अत्यधिक मूल्यवान 'मोरेल मशरूम' (गुच्छी) की खेती सफलतापूर्वक करने के लिए बधाई दी और इसे केंद्र शासित प्रदेश में विज्ञान तथा ग्रामीण आजीविका के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

विश्वविद्यालय ने कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 'मोर्चेला' (जिसे आम बोलचाल में गुच्छी कहा जाता है) की खेती की तकनीक का मानकीकरण किया है। इसके साथ ही उस चुनौती पर विजय प्राप्त कर ली है जिसने दशकों से वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय को उलझन में डाल रखा था। गुच्छी सबसे महंगे खाने योग्य मशरूमों में से एक है, जिसकी कीमत 15,000 रुपये से 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच होती है। पारंपरिक रूप से यह उच्च ऊंचाई वाले जंगलों में एक संक्षिप्त मौसमी अवधि के दौरान पाया जाता है और इसकी उपलब्धता काफी हद तक प्राकृतिक विकास पर निर्भर रही है, जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन की गुंजाइश सीमित थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित