जम्मू , अप्रैल 07 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को अधिकारियों को समय-सीमा का कड़ाई से पालन कर श्रीनगर और जम्मू विंग में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के नये परिसरों को पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री बन रहे इन नये परिसरों के निर्माण की प्रगति का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने सुदृढ़ न्यायिक बुनियादी ढांचे के महत्व पर जोर देते हुए इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ में यह भी ताकीद की कि गुणवत्ता के मानक और निष्पादन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने नियमित निगरानी और बाधाओं , विशेष रूप से अनुमोदन, फंड के प्रवाह और जमीनी स्तर पर समन्वय के मामलों में दूर करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल न्याय वितरण और कानूनी प्रणाली में जनता के विश्वास के लिए आधुनिक अदालती बुनियादी ढांचा अनिवार्य है। उन्होंने जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने और अंतर-विभागीय समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और निर्माण एजेंसियों को परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने रायका स्थित जम्मू विंग के लिए जल्द प्रशासनिक स्वीकृति देने का भी आह्वान किया, जिसे एक आधुनिक और एकीकृत न्यायिक परिसर के रूप में परिकल्पित किया गया है।
राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड (एनबीसीसी) की ओर से निष्पादित की जा रही इस परियोजना में मौजूदा उच्च न्यायालय को जानीपुर से हटाकर रायका में विशेष रूप से निर्मित परिसर में स्थानांतरित करना शामिल है। इसे न्यायपालिका की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है। नया परिसर अत्याधुनिक अदालत कक्ष, न्यायाधीशों के चेंबर, प्रशासनिक खंड, वादियों के लिए सुविधाओं, पार्किंग के बुनियादी ढांचे और डिजिटल-सक्षम न्यायालय प्रणाली के साथ तैयार किया जा रहा है, जो न्यायिक कामकाज के आधुनिक मानकों के अनुरूप है।
एनबीसीसी के अधिकारियों ने बैठक में सूचित किया कि व्यवस्थित विकास और संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना को कई चरणों (चरण-एक, दो और तीन) में पूरा किया जा रहा है। विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से साइट लेआउट, क्षेत्र वितरण, जोनिंग प्लान और चरणबद्ध निर्माण रणनीति के साथ-साथ समय-सीमा और क्रियान्वयन की चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया।
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में निचली अदालत परिसर के पुनर्विकास के प्रस्तावों की भी समीक्षा की, जिसका उद्देश्य कश्मीर में मौजूदा न्यायिक बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है। उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से पहुंच, मामलों को निपटाने की दक्षता और वादियों के समग्र अनुभव में सुधार होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित