पटना, जनवरी 13 -- भारत सरकार की कंज्यूमर मामलों की सचिव निधि खरे ने यहां मंगलवार को कहा कि देश की तेज गति से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के साथ उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है और उनकी बढ़ती समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ई-जागृति डिजिटल प्लेटफार्मएक बड़ी पहल के रूप में सामने आया है।

श्रीमती खरे ने राजधानी पटना में आज आयोजित पूर्वी क्षेत्र के राज्यों के उपभोक्ता मामलों की कार्यशाला में कहा कि उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान और उनको त्वरित न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और ई-जागृत डिजिटल प्लेटफार्म की शुरुआत के बाद इसमें काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले उपभोक्ता कागजी कार्यों और भागदौड़ के डर से अपनी समस्याओं को सामने नही ला पाता था और उसे न्याय मिलने में परेशानी होती थी, लेकिन एआई सुविधाओं से युक्त इस प्लेटफार्म की शुरुआत के बाद उनका काम आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल के माध्यम से इस प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं की शिकायत दर्ज की जा सकती है और मामलों की सुनवाई, करवाई और आदेश सभी डिजिटल माध्यम से हो संपादित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल की शुरुआत के बाद उपभोक्ताओं की सुनवाई और समाधान तेज हो गया है। उन्होंने कहा कि 2023 में समाधान का समय 67 दिन से घट 2025 के अंत तक 21 दिन हो गया है।

भारत सरकर की उपभोक्ता मामलों की सचिव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो अपने उपभोग के लिए वस्तु या सर्विस खरीदता है, सामान्य तौर पर उपभोक्ता की श्रेणी में आता है। उपभोक्ता कोई व्यक्ति, संगठन, राज्य, केंद्र सरकार या वस्तु या सर्विस खरीदने वाला या उसका उत्तराधिकारी भी हो सकता है। उपभोक्ता अपने 05 लाख तक के मामले जिला आयोग, 05 लाख से 02 करोड़ तक के मामले राज्य आयोग और 02 करोड़ से ज्यादा के मामले राष्ट्रीय आयोग में दर्ज कर सकता है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं की समस्याओं को दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1915 है और इसे व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर भी दर्ज किया जा सकता है। समाधान नही मिलने की स्थिति पर पोर्टल पर या ई-जागृति एप्प पर भी इसे दर्ज करने की सुविधा है।

श्रीमती खरे ने कहा कि ई-जागृति पोर्टल न्यायधीशों, वकीलों और उपभोक्ताओं तीनो के लिए सुविधाजनक है। उन्होंने कहा कि मामले दर्ज होने की स्थिति में न्यायधीशों को इसके माध्यम से आसानी से डेटा और साक्ष्य उपलब्ध होता है, जिससे तेज और सटीक न्याय करने में सुविधा होती है, वहीं वकीलों को एक ही पोर्टल पर सम्पूर्ण जानकारी मिलती है और मामले के कार्यान्वयन तथा उपभोक्ताओं को जानकारी देने में सुविधा होती है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता आसानी से मामला दर्ज और ट्रेक कर पाते हैं।

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