नैनीताल , नवम्बर 20 -- उत्तराखंड सरकार हजारों उपनल कर्मियों के विनियमितीकरण के मामले में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की रिपोर्ट मिलने के बाद अगले वर्ष की शुरूआत में ठोस कार्यवाही करेगी।
प्रदेश सरकार की ओर से यह आश्वासन गुरूवार को उच्च न्यायालय को दिया गया। इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार को दो महीने का समय देते हुए सुनवाई के लिये अगले वर्ष 12 फरवरी, 2026 की तिथि तय कर दी है।
न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी की पीठ में आज उपनल कर्मचारी संघ और अन्य की ओर से दायर चार अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि उच्च न्यायालय ने 12 नवम्बर, 2018 को एक आदेश जारी कर प्रदेश सरकार को उपनल, संविदा और दैनिक वेतन कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में निर्देश दिये थे लेकिन सरकार इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है।
इस मामले में आज सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने मोर्चा संभाला और कहा कि प्रदेश सरकार उपनल कर्मियों के संबंध में दिये गये आदेश के अनुपालन को लेकर गंभीर है।
सरकार की ओर से एक उपसमिति का गठन किया गया है। उपसमिति न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के संबंध में जनवरी के मध्य तक अपनी रिपोर्ट पेश कर देगी और इसके बाद सरकार उपसमिति की रिपोर्ट के कार्यान्वयन पर कार्रवाई करने का निर्णय लेगी।
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