नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली सरकार उद्योग और उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।

श्रीमती गुप्ता आज यहां 12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टइंडिया 2026 प्लास्टिक प्रदर्शनी, सम्मेलन और कन्वेंशन में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने दिल्ली को वैश्विक शहर और मजबूत व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार उद्योग और उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार 10 करोड़ रुपये तक का कोलेटरल-फ्री लोन उपलब्ध करा रही है ताकि छोटे उद्यमों को बिना किसी गारंटी के वित्तीय सहयोग मिल सके। दिल्ली में 5,000 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, खासकर प्लास्टिक उद्योग में इनोवेशन और सस्टेनेबल समाधानों को बढ़ावा देने के लिए।

उन्होंने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस' को और बेहतर बनाने के लिए नीतियों को सरल किया जा रहा है, ताकि दिल्ली केवल कंजम्पशन हब न रहकर ट्रेडिंग और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के रूप में भी अपनी पहचान बना सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लास्टिक वेस्ट दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने में बड़ी चुनौती है और इसके समाधान के लिए रीसाइक्लिंग व वेस्ट मैनेजमेंट की आधुनिक तकनीकों पर मिलकर काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में भारत की प्लास्टिक इंडस्ट्री का आकार लगभग 44 अरब डॉलर रहा, जो 2026 में बढ़कर 47 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। अनुमान है कि 2030 तक यह उद्योग करीब 64 अरब डॉलर का हो सकता है। यह सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार देता है और वैश्विक प्लास्टिक उपभोग में भारत की हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत है, जो चीन और अमेरिका के बाद तीसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि भारत आज ग्लोबल प्लास्टिक प्रोसेसिंग हब बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्लास्टिक निर्माण हमारा व्यवसाय हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार विकास हमारा विजन होना चाहिए। यदि प्लास्टिक को सही तरीके से रीसाइकिल और डिस्पोज नहीं किया गया तो इसका पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में बदलाव से हासिल होगा।

एमएसएमई और 'वोकल फॉर लोकल' की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग इन दोनों क्षेत्रों में अहम योगदान दे सकता है। उन्होंने कोविड-19 के दौरान पीपीई किट, मेडिकल सप्लाई और आवश्यक पैकेजिंग उपलब्ध कराने में प्लास्टिक उद्योग की भूमिका की सराहना की और कहा कि इस सेक्टर ने न केवल देश, बल्कि पूरी दुनिया की जरूरतों को पूरा कर कई जीवन बचाने में योगदान दिया। भारत को एक भरोसेमंद ग्लोबल सोर्सिंग हब बनाने में भी इस उद्योग की बड़ी भूमिका है।

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