कोलकाता , मार्च 19 -- पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच गुरुवार सुबह उत्तर 24 परगना से तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता का शव बरामद होने से इलाके में तनाव फैल गया।

मृतक की पहचान चपताला पंचायत के गंगनियां के गांव निवासी मशिउर काजी (38) के रूप में हुई है। उनका खून से लथपथ शव हरोआ थाना क्षेत्र के झुजुरगछा गांव में सड़क किनारे पड़ा मिला।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ग्रामीणों ने तड़के एक कंबल में लिपटा शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि श्री काजी के शरीर पर चोट के कई निशान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके दोनों हाथ कलाई से कटे हुए थे और एक पैर टूटा हुआ लग रहा था।

हरोआ थाने की एक टीम मौके पर पहुंची, शव को बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस को संदेह है कि श्री काजी की धारदार हथियारों से काटकर हत्या की गई है, हालांकि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो पाएगी।

मृतक के परिजनों का आरोप है कि श्री काजी को बुधवार को एक फोन आया था, जिसके बाद वह घर से निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे और फोन पर उनसे संपर्क करने की बार-बार की गई कोशिशें भी विफल रहीं। परिवार ने बताया कि आज सुबह पुलिस ने उन्हें शव मिलने की सूचना दी।

मृतक के बड़े भाई मोतलेब काजी ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पहचान मिटाने के उद्देश्य से शव को क्षत-विक्षत कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि दोनों हाथ काटने के अलावा हमलावरों ने शरीर पर कई जगह चोटें पहुंचाईं और चेहरे पर तेजाब भी डाला।

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