लखनऊ , मार्च 25 -- उत्तर प्रदेश 'हरित प्रदेश' बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते 9 वर्षों में प्रदेश में 242.13 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। वर्ष 2026 के वर्षाकाल में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के साथ ही राज्य में कुल पौधरोपण का आंकड़ा 277 करोड़ के पार पहुंच जाएगा।

वन विभाग के अनुसार, 2008 से 2016 के बीच जहां केवल 65.27 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं 2017 के बाद इस अभियान ने जनआंदोलन का रूप ले लिया है। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश का वनाच्छादन भी 559.19 वर्ग किलोमीटर बढ़ा है।

वर्ष 2025 में 9 जुलाई को एक ही दिन में 37.21 करोड़ पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश ने नया कीर्तिमान स्थापित किया था। इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए भी व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। विभागीय स्तर पर 52 करोड़ से अधिक पौधों को पौधशालाओं में तैयार किया जा रहा है, ताकि लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर वर्ष 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने जन्मदिन की शुरुआत पौधरोपण से करते हैं और इसे जनभागीदारी से जोड़ते हैं। सरकार ने पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने के लिए स्कूली बच्चों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को भी इससे जोड़ा है।

इसी कड़ी में 1 से 7 जुलाई 2025 के बीच जन्मे 18,348 बच्चों को 'ग्रीन गोल्ड सर्टिफिकेट' प्रदान किए गए। अभिभावकों को पौधे देकर उनके संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।

वाराणसी के सुजाबाद-डोमरी क्षेत्र में आयोजित वृहद पौधरोपण कार्यक्रम में एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाकर उत्तर प्रदेश ने चीन का आठ वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस उपलब्धि को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने प्रमाणित किया है।

प्रदेश सरकार ने बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये, पौधशाला प्रबंधन के लिए 220 करोड़ रुपये तथा प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

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