लखनऊ , मार्च 15 -- उत्तर प्रदेश में वयस्क साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए संचालित 'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत रविवार को द्वितीय चरण की साक्षरता परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गई। परीक्षा को लेकर सभी जिलों में 35 हजार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिन पर बड़ी संख्या में 4.93 लाख असाक्षर प्रतिभागी परीक्षा में शामिल हुए। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से प्रदेश में वयस्क साक्षरता को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उल्लास पोर्टल पर 14 मार्च 2026 तक शॉर्टलिस्ट किए गए 4,93,516 असाक्षर प्रतिभागियों ने इस साक्षरता परीक्षा में हिस्सा लिया।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सामान्य नागरिकों को ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को भी शिक्षा से जोड़ना है। इसी क्रम में जिला कारागार कानपुर देहात और फर्रुखाबाद में निरुद्ध असाक्षर कैदियों को भी इस साक्षरता परीक्षा में शामिल कराया गया, ताकि उन्हें शिक्षा के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

अधिकारियों के अनुसार 'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत प्रदेश में निरक्षर वयस्कों को पढ़ने-लिखने की बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे दैनिक जीवन में साक्षरता का लाभ उठा सकें।

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