रांची , जनवरी 22 -- झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज लोक भवन, राँची में सामूहिक रूप से आयोजित उत्तर प्रदेश तथा त्रिपुरा, मणिपुर एवं मेघालय के 'राज्य स्थापना दिवस समारोह' को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली इतिहास एवं आध्यात्मिक चेतना के लिए विश्वविख्यात है।
वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज एवं मथुरा जैसे पावन स्थल न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए आस्था और सांस्कृतिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। श्री गंगवार ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता भारत की सांस्कृतिक शक्ति और उसकी सुदृढ़ आध्यात्मिक परंपरा का अद्वितीय उदाहरण है। इतनी विशाल एवं श्रद्धा से परिपूर्ण जन-भागीदारी विश्व स्तर पर दुर्लभ है।
श्री गंगवार ने कहा कि विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभरा है तथा 'उत्तम प्रदेश' के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता के पश्चात उत्तर प्रदेश ने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री दिए हैं और वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
श्री गंगवार ने ने कहा कि पूर्वोत्तर के त्रिपुरा, मणिपुर एवं मेघालय राज्य अपनी विशिष्ट संस्कृति, परंपराओं, कला एवं प्राकृतिक सौंदर्य के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध करते हैं। उन्होंने कहा कि "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम राज्यों के मध्य आपसी समझ, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है तथा यह आयोजन उसी भावना को साकार करता है। उन्होंने इन राज्यों के नागरिकों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके निरंतर विकास, समृद्धि और प्रगति की कामना की।
उक्त अवसर पर मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला एवं मेघालय के राज्यपाल सी. एच. विजयशंकर के वीडियो संदेश का प्रसारण भी किया गया। इसके पश्चात आगामी 25 जनवरी को 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' के उपलक्ष्य में उपस्थित सभी लोगों को मतदाता शपथ दिलाई गई।
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