सियोल , दिसंबर 17 -- दक्षिण कोरिया की सेना ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के प्रशासन के आदेश पर पिछले साल उत्तर कोरिया में ड्रोन की मदद से 23 बार 'प्रचार पत्र' भेजे थे। द कोरिया टाइम्स ने सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद चू मि-ए के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति यून पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल ड्रोन के ज़रिये उत्तर कोरिया में प्रचार पत्र भेजकर पड़ोसी देश को भड़काने की कोशिश की थी, ताकि वे दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ने पर मार्शल लॉ लागू कर सकें। श्री चू ने रक्षा मंत्रालय की पड़ताल का हवाला देते हुए संसद को बताया कि राष्ट्रपति यून ने 23 बार ऐसा किया था।
श्री चू के कार्यालय में सौंपी गयी जांच के नतीजों के मुताबिक, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अक्टूबर 2023 में 'लीफलेट अभियान' फिर से शुरू करने के फैसले को मंज़ूरी दी थी, जिसके बाद पिछले साल फरवरी और नवंबर के बीच इन्हें अंजाम दिया गया था। यह सब तीन दिसंबर को यून की नाकाम मार्शल लॉ लाने की कोशिश से पहले हुआ था।
रिपोर्ट में बताया गया कि तत्कालीन रक्षा मंत्री शिन वॉन-सिक, तत्कालीन एकीकरण मंत्री किम युंग-हो और अन्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे फिर से शुरू करने का फैसला करने के लिये सुरक्षा परिषद की बैठक में हिस्सा लिया था। जिन आधारों पर इसे फिर से शुरू करने की मंज़ूरी दी गई, उन सहित मुख्य जानकारी अब भी सामने नहीं आई हैं क्योंकि बैठक के नतीजों को गुप्त रखा गया है।
इस फैसले के बाद सेना की 'प्रचार युद्ध' इकाई ने 18 फरवरी से 15 नवंबर के बीच 35 इलाकों में पर्चे बांटे थे। इनमें प्योंगयांग और वॉनसन जैसे बड़े उत्तर कोरियाई शहरों के अलावा मिलिट्री बेस भी शामिल थे।
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