नैनीताल , फरवरी 24 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय और कुमाऊं के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को मंगलवार को बम से उड़ाने की धमकी मिली। उच्च न्यायालय को दूसरी बार धमकी मिली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह दोनों की आधिकारिक वेबसाइट पर इस प्रकार की धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। धमकी मिलने के बाद उच्च न्यायालय की सुरक्षा टीम हरकत में आ गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की टीम ने सभी अदालतों और समस्त अदालत परिसर की पहले ही नियमित तलाशी ले ली थी। इससे न्यायिक कार्य बाधित नहीं हो पाया।

हालांकि धमकी के मद्देनजर पुलिस और एटीएस की टीम दिनभर चौकन्नी रही। पूरी तलाशी और जांच के बाद लोगों को परिसर में प्रवेश दिया गया। धमकी के मद्देनजर उच्च न्यायालय परिसर की सुरक्षा आज और पुख्ता कर दी गई है।

इससे पहले फरवरी को भी उच्च न्यायालय को धमकी भरा ईमेल मिला था। तभी से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हैं। पुलिस और पीएसी के साथ ही एटीएस की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) जगदीश चंद्रा ने शाम को पूरे परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

दूसरी ओर हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज के भी पहली बार इस प्रकार का ई-मेल प्राप्त हुआ है। कालेज की ओर से तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल और सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को दी गई।

इससे परिसर में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से एहतियातन सभी शैक्षणिक गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया।

पुलिस और प्रशासन की टीम श्वान दस्ता (डॉग स्क्वायड) और बम निरोधक दस्ता के साथ मौके पर पहुंची। सबसे पहले सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर की गहन तलाशी ली गई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में भी सघन जांच अभियान चलाया गया। छात्रावास, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी और मुख्य भवन सहित सभी स्थलों की गहन जांच की गई।

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