देहरादून, अप्रैल 12 -- उत्तराखंड को अपराध मुक्त बनाने के लिए चलाये जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के अंतर्गत एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने सभी एसटीएफ टीमों को संगठित गैंग, गैंगस्टर, पेशेवर अपराधियों के खिलाफ इनपुट विकसित करके कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम मे एसटीएफ को जानकारी मिली कि उत्तराखंड मे अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों द्वारा फर्जी तरीके से बाहरी राज्यों के शस्त्र लाइसेंस को यहां रजिस्टर्ड करवाया गया।
इस सूचना पर एसटीएफ टीम ने देहरादून के थाना क्लेमन टाउन जनपद देहरादून पर अभियोग पंजीकृत कराकर अपराध में संलिप्त ऐसे व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच देहरादून के शिमला बाइपास स्थित एक रेजीडेंसी से अमित यादव नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से कवैध शस्त्र लाइसेंस बरामद किया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि एसटीएफ को पिछले कुछ दिनों से सूचना प्राप्त हो रही थी कि बाहरी राज्यों से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों द्वारा फर्जी तरीके से अवैध शस्त्र के फर्जी लाइसेंस प्राप्त किये जा रहे हैं व उत्तराखंड की शस्त्र पंजिका में दर्ज करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस सूचना की जांच और कार्रवाई हेतु टीम नियुक्त की गई, टीम ने देहरादून जिलाधिकारी कार्यालय के साथ ही उत्तरप्रदेश के मेरठ व पंजाब आदि राज्यों से पत्राचार कर जानकारी मांगी।
एक शस्त्र लाइसेंस नंबर पंजाब के अमृतसर जिले से स्थानांतरण होने के उपरांत वर्ष 2017 में जिलाधिकारी कार्यालय देहरादून की शस्त्र पंजिका में अंकित पाया गया।
इस संबंध में जब गहराई से जांच की गई तो पता चला कि यह शस्त्र लाइसेंस पंजाब के अमृतसर से बना ही नहीं था, इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए सूचना के आधार पर सुरागरसी पतारसी करते हुए इस लाइसेंस धारक अमित को गिरफ्तार किया।
इससे हुई पूछताछ से पता चला है कि बड़े पैमाने पर भारी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाकर उत्तराखंड राज्य के कई जनपदों में दर्ज कराए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी द्वारा उत्तराखंड राज्य के जिलाधिकारी कार्यालय की शस्त्र पंजिका में दर्ज कराये गए फर्जी लाइसेंस में शामिल व्यक्तियों के बारे में जानकारी प्राप्त करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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