पौड़ी , अप्रेल 02 -- उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की धुमाकोट पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले साइबर गैंग का गुरुवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने इस मामले में गैंग के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धुमाकोट निवासी दिनकर कुमार पोखरियाल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कराने के नाम पर 700 प्रतिशत तक मुनाफे का लालच दिया गया। झांसे में आकर उन्होंने करीब 15 लाख रुपये निवेश किया जिसके बाद उनके साथ ठगी की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष सुनील पंवार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच करते हुए महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।

जांच में सामने आया कि यह साइबर ठगी गिरोह महाराष्ट्र के नागपुर से संचालित हो रहा था। पुलिस टीम जब नागपुर पहुंची तो पता चला कि मुख्य आरोपी जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे अपने एक सहयोगी के साथ एक अन्य मामले में रांची जेल में बंद है। इसके बाद न्यायालय से अनुमति लेकर आरोपी को रांची से लाकर पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार का कहना है कि जनपद में साइबर ठगी के मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है और लिखित शिकायत मिलते ही ठगी के शिकार लोगों को ठगी की धनराशी वापस दिलवाने की पूरी कोशिश की जाती है, और अब तक इस दिशा में ऐसे मामलों में शीघ्रता से कार्यवाही कर पीड़ितों को न्याय भी दिलवाया गया है।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन निवेश या ट्रेडिंग से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और अत्यधिक मुनाफे के लालच में आकर किसी अज्ञात व्यक्ति या समूह पर विश्वास न करें।

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