उत्तराखंड कैबिनेट मीटिंग फैसले।
देहरादून , जनवरी 28 -- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में हुई मंत्रिमण्डल बैठक में विभिन्न आठ विषयों पर निर्णय लिए गए।
बैठक शुरू होने से पहले कैबिनेट के सदस्यों ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार और उनके सहयोगियों के आज सुबह विमान हादसे में हुए निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की और दो मिनट का मौन ईश्वर से उनकी आत्मा को शान्ति देने की प्रार्थना की।
मंत्रिमंडल के निर्णयों की संवाददाताओं को जानकारी देते हुए महानिदेशक, सूचना एवं लोक संपर्क, बंशीधर तिवारी ने बताया कि बैठक में आठ विषयों पर निर्णय किए हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्ष की सन्तोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो, को सम्पूर्ण सेवाकाल में एक बार म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग के आधार पर जनपद परिवर्तन करने की अनुमति प्रदान करने को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है। इसी तरह, राज्य में आपसी समझौते के आधार पर भू-स्वामियों से लघु, मध्यम और वृहद् परियोजनाओं के लिए भूमि की प्राप्ति किये जाने को प्रक्रिया का निर्धारण के सम्बन्ध में निर्णय लिया गया है।
श्री तिवारी ने बताया कि जनपद उधमसिंह नगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित किये जाने के लिए सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तान्तरित किये जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्याः-670/ 25 मार्च, 2025 में संशोधन करने के सम्बन्ध में भी कैबिनेट ने निर्णय कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं का संचालन किये जाने के उद्देश्य से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपद क्रमशः देहरादून, चमोली, ऊधमसिंह नगर एवं पिथौरागढ़ में विभागीय योजनाओं के संचालन तथा प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पदों की आवश्यकता के दृष्टिगत, विभागीय ढांचें को पुर्नगठित करते हुए उक्त जनपदों में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद शासनादेश सख्या-120, दिनांक 28.02.2025 के माध्यम से सृजित किये गये है। ढांचे में स्वीकृत पदों का प्राविधान सेवा नियमावली में किये जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के संबंध में कैबिनेट ने निर्णय किया।
महानिदेशक ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में गैर कृषिकारी (कृषि एवं कृषि संबंधित कार्यों तथा राजकीय पेयजल व्यवस्था को छोड़कर) उपयोग को भू-जल के निकास पर जल मूल्य और प्रभार की दरें (जो तत्काल से लागू होगी) लागू किये जाने के सम्बन्ध में भी कैबिनेट ने निर्णय किया। उन्होंने बताया कि राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी क्षेत्रों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा यह विनिश्चय किया गया है कि जनपद देहरादून में "जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय" नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि उक्त विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षा का अभिनवीकरण, अध्यापन और ज्ञानोपार्जन की नवीन पद्धति के लिए और व्यक्तित्व के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करना, सामाजिक व आर्थिक रूप से वंचित वर्ग को शिक्षा प्रदान करना, राज्य विषयक शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराना है।
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