हल्द्वानी , फरवरी 18 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी वन मंडल के अंतर्गत आने वाले नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों ने नंधौर नदी में ऊदबिलाव (ऑटर) के एक झुंड को कैमरे में कैद किया है।

नदी किनारे सक्रिय रूप से विचरण करते और फिर जल में उतरते इस समूह की मौजूदगी को क्षेत्र की स्वस्थ जलीय पारिस्थितिकी का मजबूत संकेत माना जा रहा है,प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह प्रजाति चिकने बालों वाले ऊदबिलाव की हो सकती है,यह प्रजाति प्रकृति संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय संघ (आईयूसीएन) की रेड लिस्ट में संकटग्रस्त श्रेणी में सूचीबद्ध है और भारत में वन्यजीव सुरक्षा अधिनियम 1972 के तहत संरक्षित है, ऐसे में इनका समूह में दिखाई देना संरक्षण के प्रयासों की सफलता की ओर इशारा करता है। नंधौर नदी अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जानी जाती है। यहां पाई जाने वाली गोल्डन महाशेर जैसी संवेदनशील मछली प्रजाति साफ और तेज प्रवाह वाली नदियों की पहचान है,यही प्रचुर मत्स्य संसाधन ऊदबिलाव जैसे जलीय जीवों के लिए उपयुक्त आहार आधार उपलब्ध कराते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार ऊदबिलाव की उपस्थिति स्वच्छ जल, पर्याप्त भोजन और सुरक्षित आवास का प्रमाण है। वन विभाग के कुमाऊं मुख्य वन संरक्षक डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि नंधौर अभयारण्य हल्द्वानी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाला अपेक्षाकृत नया लेकिन जैव विविधता से भरपूर क्षेत्र है,यहां बाघ, हाथी और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है,हालिया बर्ड सर्वे में भी कुछ ऐसी प्रजातियां मिलीं जो अन्य क्षेत्रों में विरल हैं, ऐसे में ऊदबिलाव की मजबूत उपस्थिति इस क्षेत्र को वास्तविक 'बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट' के रूप में स्थापित करती है।

वन विभाग अब इस क्षेत्र में निगरानी और वैज्ञानिक अध्ययन को और मजबूत करने की तैयारी में है, ताकि इस दुर्लभ जलीय जीव की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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