, Dec. 8 -- देहरादून,08 दिसंबर (यूनीवार्ता) उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाल ही में पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के बयान से उपजे विवाद को शांत करने के लिए सोमवार को देहरादून के आढ़त बाजार के गुरुद्वारा श्री गुरू सिंह सभा में पहुंचकर जोड़ा घर और लंगर रसोई में सेवा भी की।
उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष नतमस्तक होते हुए क्षमा मांगी है, हरीश रावत ने गुरु साहिब के चरणों में प्रसाद भी चढ़ाया।इस मौके पर उन्होंने कहा कि जो गलती हमसे हुई है ,उस भूलसुधार की माफी गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर मांगी गई है। उन्हें इस बात की बहुत खुशी हुई है कि सिख संगतों और गुरुद्वारा सिंह सभा ने भगवान नानक देव जी के कुछ वचन सुनाकर हमारे मन व भावनाओं को पवित्र किया है।
समाधान स्वरूप हमने लंगर सेवा की है और उसके बाद जोड़ा घर में भी सेवा की। श्री रावत ने कहा कि जिस भी हमारे साथी से यह गलती हुई है, उसके लिये क्षमा मांगी गई है। हरीश रावत का कहना है कि कांग्रेस पार्टी समाज के हर वर्गों का सम्मान करती हैं,इसी तरह सिखों का बहादुरी का इतिहास रहा है, सिख समाज देश में पराक्रम ,बलिदान, देश के लिए अटूट निष्ठा और परंपराओं का प्रतीक रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भी सिख समाज अन्नदाता के रूप में राष्ट्र के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। हमारे साथी की कभी कोई ऐसी भावना नहीं रही लेकिन कभी शब्द इधर-उधर हो जाते हैं। इस गलती के लिए आज श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे नतमस्तक होकर उन्होंने क्षमा मांगकर प्रायश्चित किया है।
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