देहरादून , मार्च 15 -- उत्तराखंड के गैर राजनीतिक संगठन मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति ने रविवार को तत्काल प्रभाव से कार्यकारिणी भंग कर दी।
जानकारी के अनुसार संघर्ष समिति का स्पष्ट मानना है कि मूल निवास और सशक्त भू-कानून की लड़ाई एक जन-आंदोलन है और इसे जनसहभागिता से ही लड़ा जाना चाहिए lइसकी वजह यह बताई गई है कि आगामी विधानसभा चुनाव 2027 के दृष्टिगत हमारे कुछ पदाधिकारी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों में जुड़ रहे हैं ,जो पूरी तरह से उनके व्यक्तिगत निर्णय हैं, इसलिए वर्तमान कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। इसलिए तत्काल प्रभाव से मूल निवास भू कानून समन्वय संघर्ष समिति की कार्यकारिणी भंग की जा रही है और जल्द ही एक नई कार्यकारिणी और टीम की घोषणा की जाएगी।
संघर्ष समिति के आधिकारिक सोशल मीडिया से अगले कार्यक्रम की सूचना दी जाएगी।
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