नैनीताल , अप्रैल 16 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ऊधम सिंह नगर की किच्छा नगर पालिका के चुनाव के मामले में राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से मंगलवार को ठोस जवाब पेश करने को कहा।

अदालत ने पूछा है कि वर्ष 2023 के आंकड़ों के आधार पर क्यों चुनाव नहीं कराये जा सकते हैं। सरकार को इस मामले में जवाब देना है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने किच्छा निवासी नेमुलशान खान और अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई के बाद ये निर्देश जारी किए।

सुनवाई के दौरान शहरी विकास सचिव नितेश झा और राज्य चुनाव आयोग के सचिव राहुल गोयल न्यायालय में पेश हुए। उन्होंने कहा कि अदालत जो निर्देश जारी करेगी सरकार और आयोग उसका अनुपालन करेगी।

अदालत ने कहा कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किच्छा नगर पालिका के चुनाव वर्ष 2023 में होने तय थे। अदालत ने पूछा है कि क्यों न वर्ष 2023 के आंकड़ों के आधार पर चुनाव कराए जाएं? राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को इस संबंध में मंगलवार को जवाब देना है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि किच्छा नगर पालिका के चुनाव वर्ष 2023 में समाप्त होने के बाद आज तक यहां चुनाव नहीं नहीं कराये गये हैं।

नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक ने कार्यभार संभाला है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि सिरोली कला को किच्छा नगर पालिका में बनाए रखते हुए शीघ्र चुनाव कराए जाएं।

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