भुवनेश्वर , फरवरी 03 -- उड़ीसा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को कोरोना काल में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले उसके शिक्षक को 'कोविड वॉरियर' घोषित करने तथा उनकी विधवा को वित्तीय सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति ए. सी. बेहरा ने अपने फैसले में पुरी के जिलाधिकारी और काकटपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता के दिवंगत पति को 'कोविड-19 योद्धा' घोषित करें और एक महीने के भीतर छह साल पहले जारी अधिसूचना के अनुसार महिला को वित्तीय सहायता प्रदान करें।

याचिकाकर्ता के पति सुरेंद्र कुमार कांडी पुरी जिले के काकटपुर प्रखंड के अंतर्गत ओसलंगा प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। श्री कांडी को 09 जुलाई, 2020 से 29 सितंबर, 2020 की अवधि के लिए निमापारा स्थित डीआरसी दिघल हाई स्कूल के कोविड-19 उपचार केंद्र में ड्यूटी पर तैनात किया गया था। ड्यूटी के दौरान वह इस घातक वायरस की चपेट में आ गए और 26 अक्टूबर, 2020 को उनकी मृत्यु हो गई।

ओडिशा सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ड्यूटी के दौरान कोविड-19 से जान गंवाने वाले व्यक्तियों के जीवनसाथी या परिजनों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसमें स्पष्ट किया गया था कि यदि कोई व्यक्ति अपनी कोविड ड्यूटी के अंतिम दिन से 30 दिनों के भीतर संक्रमित पाया जाता है, तो वह सहायता का पात्र होगा।

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