उज्जैन , फरवरी 12 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन एवं धार्मिक नगरी उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य के नाम से आयोजित होने वाले विक्रमोत्सव का शुभारंभ 15 फरवरी महाशिवरात्रि पर्व से प्रारंभ होगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने गुरूवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि यह महोत्सव सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का अनूठा संगम है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2006 से प्रारंभ हुआ यह आयोजन मध्यप्रदेश का प्रमुख सांस्कृतिक समारोह बन चुका है। लगभग दो दशक से आयोजित हो रहे इस उत्सव में अब तक अनेक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां दे चुके हैं।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि की बेला में सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की प्रस्तुति से महोत्सव का शुभारंभ होगा। विक्रमोत्सव के अंतर्गत 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में चार हजार से अधिक कलाकार भाग लेंगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेले आयोजित किए जाएंगे। इनमें मंदिरों की साज-सज्जा, साफ-सफाई और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
महोत्सव के अंतर्गत शिवरात्रि मेला, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत, नृत्य, वादन, शिव पुराण पाठ, अनादि पर्व, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल समारोह, चित्र प्रदर्शनियां, संगोष्ठियां, विक्रमादित्य न्याय समागम, भारतीय इतिहास समागम, राष्ट्रीय विज्ञान समागम, वेद अंताक्षरी, कोटि सूर्य उपासना, शिल्प कला कार्यशाला, प्रशासनिक लोकार्पण, पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर मातृशक्ति कवयित्री सम्मेलन तथा ड्रोन शो सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 25 से अधिक देशों की सहभागिता प्रस्तावित है। इस फिल्म समारोह में महाभारत केंद्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
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