उज्जैन , मार्च 26 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन में नगरवासियों की सुख-समृद्धि की कामना के साथ चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी पर आज श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित पारंपरिक नगर पूजा संपन्न हुई।
नगर पूजा में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी महाराज सहित अनेक संत, महंत और महामंडलेश्वर शामिल हुए। प्रातः करीब आठ बजे चौबीस खंबा क्षेत्र में माता महामाया और महालाया को चांदी के विशेष पात्र से मदिरा का भोग अर्पित कर पूजा आरंभ की गई। यात्रा के दौरान नासिक त्र्यंबकेश्वर के महंत धनंजय गिरी महाराज ने मार्ग में स्थित मंदिरों में चोला चढ़ाया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रबंधक डॉ राहुल कटारिया ने बताया कि लगभग 28 किलोमीटर लंबे यात्रा मार्ग में कोटवार हांडी में मदिरा की धार लेकर चलते हैं। मार्ग में आने वाले प्रमुख देवी और भैरव मंदिरों में ध्वज और चोला चढ़ाकर मदिरा एवं पूजन सामग्री अर्पित की गई। बैंड-बाजों और जयकारों के बीच यह यात्रा रात आठ बजे अंकपात मार्ग स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर पर संपन्न होगी।
उन्होंने बताया कि नगरवासियों की सुख-समृद्धि के लिए निरंजनी अखाड़ा द्वारा यह प्राचीन परंपरा निभाई जाती है। कोरोना काल में भी इस परंपरा का निर्वहन किया गया था। नगर पूजा में भाग लेने के लिए हरिद्वार सहित विभिन्न स्थानों से संत और पदाधिकारी पहुंचे हैं।
यात्रा के उपरांत नवमी को शाम बड़नगर रोड स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी परिसर में कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संत-महंतों के साथ जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी शामिल होंगे।
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