भोपाल/उज्जैन , दिसंबर 30 -- मध्यप्रदेश पुलिस केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों के जीवन की रक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। उज्जैन जिले के नागदा थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने फांसी के फंदे पर झूल रहे एक युवक को समय रहते नीचे उतारा और सीपीआर तकनीक का उपयोग कर उसकी जान बचाई।

घटना उस समय हुई जब थाना प्रभारी गवरी क्षेत्र में नियमित गश्त पर थे। इसी दौरान पीड़ित के पिता दौड़ते हुए आए और बताया कि उनके पुत्र ने फांसी लगा ली है। सूचना की गंभीरता को तुरंत समझते हुए थाना प्रभारी गवरी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

मौके पर पहुंचकर पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा और युवक को फंदे से नीचे उतारा। परिजन युवक को मृत समझकर शोकाकुल हो गए, लेकिन थाना प्रभारी गवरी ने अपने प्रशिक्षण अनुसार सीपीआर तकनीक का उपयोग कर जीवनरक्षक प्रयास शुरू किए। कुछ ही मिनटों में युवक की धड़कनें सामान्य हुईं और उसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए रतलाम हॉस्पिटल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी गवरी एवं नागदा पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस साहसिक और मानवीय कार्यवाही की जानकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने थाना प्रभारी गवरी की सराहना की और उन्हें 10 हजार रूपए का नगद पुरस्कार प्रदान किया। डीजीपी मकवाणा ने इस घटना को सम्पूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस बल के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसे उदाहरण पुलिस और समाज के बीच विश्वास को और मजबूत बनाते हैं।

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