नयी दिल्ली , दिसंबर 11 -- उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से विस्तृत हलफनामे मांगे हैं कि क्या याचिकाकर्ता को गलती से नकारात्मक सिबिल स्कोर सौंप दिया गया है, क्योंकि याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उसने कभी ऋण नहीं लिया।

न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति एस.वी.एन. भट्टी की पीठ राजेंद्र सिंह पंवार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनका 'क्रेडिट रेटिंग' 2020 से नकारात्मक दिखाया जा रहा है, जबकि उनके ऊपर कोई बकाया ऋण नहीं है। उन्होंने कहा कि इस गलत स्कोर ने उन्हें जरूरी वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने से रोक दिया है।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उनके जैसे नाम वाले दो अन्य व्यक्तियों को वही पैन (परमानेंट अकाउंट नंबर) संख्या जारी कर दिए गए और उन व्यक्तियों द्वारा लिए गए ऋण उनके रिकॉर्ड में दिखाए जा रहे हैं, जिससे उनका सिबिल खराब हुआ है।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एस. पटवालिया ने तर्क दिया कि आयकर विभाग ने बाद में उन्हें नया पैन जारी कर दिया था, लेकिन उच्च-जोखिम स्कोर बना रहा क्योंकि नया पैन पुराने पैन से जुड़ा हुआ था।

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