नयी दिल्ली , दिसंबर 31 -- उच्चतम न्यायालय ने केरल के पत्रकार अरविंदम मणिकोत को 2013 के एक आपराधिक मामले में आत्मसमर्पण करने से छूट दे दी है। मणिकोत को एक पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने का दोषी पाया गया था।

न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी ने 20 नवंबर को इस तथ्य पर ध्यान दिया कि मणिकोत ने पहले ही निचली अदालत से निर्धारित जुर्माना अदा कर दिया है और उसे दी गयी प्रतीकात्मक सजा अदालत की कार्यवाही समाप्त होने तक की थी।

न्यायालय ने इसके मद्देनजर उन्हें आत्मसमर्पण से छूट प्रदान की। इसके बाद 15 दिसंबर को न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एस सी शर्मा की पीठ ने मणिकोत की याचिका पर केरल सरकार को नोटिस जारी किया। पीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति भट्टी की ओर से 20 नवंबर को दी गयी अस्थायी सुरक्षा तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य सरकार अपनी जवाब दाखिल नहीं करता।

मणिकोत कासरगोड से प्रकाशित होने वाले सान्ध्य दैनिक 'लेटेस्ट' का प्रबंध संपादक है। यह दोषसिद्धि 2013 में 'सीपीआई (एम) किसेज हसीना' शीर्षक वाले एक राजनीतिक व्यंग्य कॉलम के प्रकाशन से हुई थी।

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