नयी दिल्ली , फरवरी 10 -- उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के लिये चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) में बदलाव किया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी को भेजे एक पत्र में आयोग ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के नौ फरवरी के आदेश के अनुसार डब्ल्यूपी(सी) नंबर 1089/2025 और उससे जुड़े मामलों में जारी निर्देशों का "सख्ती से पालन" करने के निर्देश दिये गये हैं।
चुनाव आयोग ने निर्वाचन सदन से जारी अपने पत्र में कहा, "माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार, आयोग ने पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के कार्यक्रम में बदलाव करने का फैसला किया है।" बदले हुए कार्यक्रम के मुताबिक, पुनरीक्षण के दौरान जारी नोटिस पर सुनवाई 14 फरवरी, 2026 तक पूरी हो जानी चाहिए। प्रपत्रों की जांच और केस का निपटारा 21 फरवरी तक पूरा हो जाना है, इसके बाद 25 फरवरी तक पोलिंग स्टेशनों को तर्कसंगत किया जाएगा। आयोग ने 27 फरवरी तक निर्वाचक नामावली के स्वस्थ मानकों की जांच भी तय की है, और अद्यतन निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 28 फरवरी, 2026 को होगा।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि बदली हुई समय सारणी का मकसद न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए पारदर्शिता और कार्यान्वयन के औचित्य को पक्का करना है। अधिकारी ने कहा, " आयोग उच्चतम न्यायालय के आदेश का पूरी तरह पालन करते हुए समय पर पुनरीक्षण का काम पूरा करने के लिए संकल्पित है।" पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के आखिर से चल रहा है। इस संबंध में चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर, 30 दिसंबर और 15 जनवरी को राज्य चुनाव अधिकारियों को कई निर्देश जारी किए हैं। इस काम में मौजूदा प्रविष्टि का सत्यापन, दावों और आपत्तियों का निपटारा, और मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों को तर्कसंगत करना शामिल है।
पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी चुनौतियों के बीच यह मामला उच्चतम न्यायालय पहुंचा, जिसके बाद न्यायालय ने 9 फरवरी को निर्देश जारी किए। चुनाव आयोग राज्य चुनाव आयोग के साथ संपर्क में है और इस संबंध में नये निर्देशों के साथ जोड़ने का प्रयास जारी है।
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