पटना , दिसंबर 29 -- बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में ई- निबंधन (ऑनलाइन पंजीकरण) की प्रक्रिया को सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने के लिये मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन समिति (जीविका) के संयुक्त प्रयास से अब साक्षर जीविका दीदियां गांव- गांव जाकर ई- निबंधन करायेंगी और लोगों को इसके प्रति व्यवहारिक रूप से जागरूक भी करेंगी।
इन दीदियों को 'डिजिटल दीदी सह सक्षमा दीदी' के नाम से जाना जायेगा।
इस संबंध में विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, ई- निबंधन कार्य के लिये जल्द ही जीविका दीदियों का चयन किया जायेगा। चयनित दीदियों को कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट उपयोग, ऑनलाइन फॉर्म भरने, दस्तावेज अपलोड करने और ई- निबंधन शुल्क के डिजिटल भुगतान से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। इसके साथ ही उन्हें कंप्यूटर, प्रिंटर और वाई- फाई जैसी आवश्यक डिजिटल सुविधायें भी उपलब्ध कराई जायेंगी।
यह योजना जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जायेगी। इसके लिये मैट्रिक, इंटरमीडिएट, कंप्यूटर डिप्लोमा या अन्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त एक हजार से अधिक जीविका दीदियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। ये दीदियां न केवल संपत्ति से जुड़े ई-निबंधन कार्य में सहायता करेंगी, बल्कि विवाह निबंधन, गोदनामा निबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचायेंगी।
वर्तमान में राज्य में लगभग 1.50 करोड़ जीविका दीदियां विभिन्न आजीविका और सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं। प्रत्येक प्रखंड में जीविका कार्यालय संचालित हैं, जहां 805 दीदियां कार्यरत हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 270 दीदी अधिकार केंद्र भी चल रहे हैं, जहां आवासीय प्रमाण- पत्र समेत कई जरूरी दस्तावेज जारी किये जा रहे हैं।
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