नयी दिल्ली , जनवरी 12 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में ई-सिगरेट के कथित उपयोग संबंधी शिकायत पर कहा है कि यदि यह आरोप सही है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्री बिरला ने सोमवार को संसद भवन के एनेक्सी में राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों तथा पीठासीन अधिकारियों के बुधवार से यहां शुरु होने वाले 28वें सम्मेलन की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक सवाल के जवाब में कहा कि संसद की कार्यवाही नियम और मर्यादा से चलती है और सभी सांसदों को नियमों का पालन करना चाहिए। उनका कहना था कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और विभिन्न मुद्दों पर सहमति तथा असहमति स्वाभाविक है लेकिन सदन में किसी भी मुद्दे का मर्यादा और नियमों के तहत ही विरोध किया जा सकता है। संसद में आचरण और मर्यादा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।
यह पूछने पर कि ई सिगरेट के इस्तेमाल संबंधी शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाएगी तो श्री बिरला ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में शिकायत मिली है और उसकी जांच चल रही है। मामले की जांच पूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी। जब पूछा गया कि क्या दोषी पाए जाने पर सदस्यता जा सकती है तो उन्होंने कहा कि पहले भी सदस्यता गई है और यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की बात सामने आती है तो इस बार भी सदस्यता जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गैर मर्यादित आचरण करने वाले सदस्यों के खिलाफ सदन कार्रवाई करता है, लोकसभा अध्यक्ष कार्रवाई नहीं करता है।
गौरतलब है कि भाजपा सदस्य अनुराग ठाकुर ने अध्यक्ष को एक शिकायत भेजी थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का एक सदस्य सदन की कार्यवाही के दौरान सदन में ई-सिगरेट का उपयोग कर रहा था। इसी शिकायत पर अध्यक्ष ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जांच का काम पूरा हाेने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
संसद के बजट सत्र में इस बार एक फरवरी को रविवार होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि दिन कोई भी हो उससे फर्क नहीं पड़ता है इसलिए एक फरवरी को संसद में 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। उनका कहना था कि हमारी संसद काम करने पर भरोसा करती है और जरूरत पड़ने पर सांसद देर तक बैठते हैँ। उन्होंने कहा कि इस बार एक फरवरी रविवार को ही बजट पेश किया जाएगा।
श्री बिरला ने कहा कि दुनिया के कई देश हैं जिनकी संसद में गतिरोध नहीं होता है। हमारे यहां गतिरोध होता है लेकिन संवाद के जरिए गतिरोध का समाधान भी निकाला जाना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि हमारी संसद तय समय पर बंद नहीं होती है बल्कि जब तक काम होता है सदन की कार्यवाही चलती रहती है। विपक्षी सांसदों के विधेयक को पढने का समय नहीं मिलने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें है और इसीलिए उन्होंने सभी मंत्रालयों से कहा है कि समय पर विधेयेक की कापी भेजें ताकि सदस्यों को समय पर उपलब्ध कराके उस पर सदन में व्यापक चर्चा हो सके।
उन्होंने कहा कि संसद के कामकाज को कागज मुक्त बनाया जा रहा है और सारे दस्तावेज अब वेबसाइट पर ही उपलब्ध होंगे। उनका यह भी कहना था कि सभी विधानसभाओं को भी इसका इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि संसद में 22 भारतीय भाषाओं के माध्यम से सांसदों को अपनी भाषा में बात कहने की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
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