चंडीगढ़ , फरवरी 28 -- हरियाणा अधिकार सेवा आयोग ने ई-नीलामी से जुड़े एक मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को आवंटी को देय ब्याज का भुगतान करने और 5,000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला हिसार निवासी रेखा सोनी से संबंधित है, जिन्होंने वर्ष 2022-23 की ई-नीलामी में भूखंड खरीदा था और 16 जून 2023 को आवंटन-सह-कब्जा प्रमाणपत्र जारी होने के बावजूद दो वर्ष बाद भी उन्हें वास्तविक कब्जा नहीं मिला।

सुनवाई में सामने आया कि जिन भूखंडों की नीलामी की गई थी उनमें कुछ स्थानों पर विकास कार्य अधूरे थे और सीमांकन भी नहीं हुआ था। आयोग ने कहा कि अधिसूचित सेवा कब्जा प्रमाणपत्र जारी करना है जिसकी समय-सीमा तीन दिन है।

आवंटन पत्र की शर्तों के अनुसार 30 दिन में कब्जा न देने पर 5.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देय है। आयोग ने ईओ हिसार को आगामी छह मार्च तक ब्याज भुगतान कर अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा है। साथ ही अधिनियम 2014 के तहत अधिकतम 5,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश भी जारी किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित