वॉशिंगटन , मार्च 29 -- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने को लेकर "गंभीर बातचीत" जारी है और समझौता "जल्द" हो सकता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के प्रमुख ऊर्जा ढांचे को नष्ट कर देगा।
श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर कहा कि अमेरिका "एक नए और अधिक तर्कसंगत शासन" के साथ बातचीत कर रहा है और इसमें "महत्वपूर्ण प्रगति" हुई है।
उन्होंने कहा, "यदि किसी कारणवश जल्द समझौता नहीं होता और होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत 'व्यापार के लिए खुला' नहीं किया जाता, तो हम ईरान में अपनी कार्रवाई समाप्त करते हुए उनके सभी विद्युत संयंत्रों, तेल कुओं और खार्ग द्वीप को पूरी तरह नष्ट कर देंगे, जिन्हें हमने अब तक जानबूझकर नहीं छुआ है।"श्री ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की मौत का बदला होगी, जिन्हें उन्होंने ईरान के "पुराने शासन के 47 वर्षों के आतंक" से जोड़ा।
इस बीच, अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों सैनिकों की तैनाती की है और संभावित जमीनी अभियान की तैयारी के संकेत दिए हैं।
ईरान में औपचारिक रूप से शासन परिवर्तन नहीं हुआ है और यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका किन अधिकारियों से बातचीत कर रहा है, ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि शीर्ष नेतृत्व पर हमले "वास्तव में शासन परिवर्तन" के समान हैं।
श्री ट्रंप ने रविवार को एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी कहा कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई एवं अन्य शीर्ष नेताओं की मौत ही देश में शासन परिवर्तन है।
श्री ट्रंप ने कहा कि भले ही ईरान का व्यापक इस्लामिक गणराज्य ढांचा पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुआ है, लेकिन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अन्य शीर्ष अधिकारियों की मौत को पुराने शासन के अंत के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "पहला शासन पूरी तरह खत्म हो गया, नष्ट हो गया। दूसरा भी लगभग खत्म है और अब हम अलग तरह के लोगों से बात कर रहे हैं. और वे काफी तर्कसंगत रहे हैं।"उन्होंने रविवार को इस बातचीत में यह भी कहा कि ईरान ने होर्मुज जलडमरुमध्य से कुछ तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है।
दूसरी ओर, ईरान होर्मुज पर नियंत्रण कड़ा करने की दिशा में काम कर रहा है। वरिष्ठ ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरुजेर्दी ने कहा कि वह एक ऐसा विधेयक लाने की कोशिश कर रहे हैं जो पारगमन शुल्क (ट्रांजिट टोल) और गुजरने वाले जहाजों के लिए अनिवार्य मंजूरी सहित एक नई नियामक प्रणाली पेश करेगा।
श्री बोरुजेर्दी ने कहा कि इस कानून को ईरानी संसद द्वारा 'जल्द ही' मंजूरी मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून लागू होने के बाद ईरान की अनुमति के बिना किसी भी जहाज को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस बीच, श्री ट्रंप ने बढ़ती ऊर्जा चुनौतियों को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के तेल भंडारों पर कब्जा कर सकता है, जिसमें प्रमुख निर्यात केंद्र खर्ग द्वीप भी शामिल है।
ब्रिटेन के समाचार पत्र फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में श्री ट्रंप ने कहा कि समझौते और युद्ध का उनका इरादा ईरान के तेल संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना होगा, जिसकी तुलना उन्होंने इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई से की।
इस बीच, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने कहा कि वह ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। इन हमलों के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की कि ईरान में खोंदाब स्थित 'हैवी वाटर' उत्पादन संयंत्र गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है और अब चालू हालत में नहीं है।
हैवी वाटर (ड्यूटेरियम ऑक्साइड) का इस्तेमाल परमाणु संयंत्रों में परमाणु विखंडन प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यह परमाणु रिएक्टर में न्यूट्रॉन को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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