नयी दिल्ली , फरवरी 05 -- ईरान में हिरासत में लिए गए 16 भारतीय नाविकों में से आठ को रिहा कर दिया गया है और उनके स्वदेश लौटने की प्रक्रिया चल रही है जबकि शेष नाविकों के संबंध में भारतीय दूतावास के अधिकारी ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "हमें ईरान में 16 नाविकों तक कांसुलर पहुँच मिली है। बंदर अब्बास में हमारे अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इन 16 में से आठ को रिहा कर दिया गया है और वे भारत लौट रहे हैं। शेष आठ नाविकों के मामले में हम ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं और उन्हें समुचित सहायता देने के तरीकों पर काम कर रहे हैं।"आठ भारतीय नाविकों की रिहायी से उनके परिजनों को राहत मिली है। अन्य नाविकों के परिजनों को भी इस बात से राहत मिली है कि दूतावास के अधिकारियों की मदद से एक महीने बाद पहली बार वे अपने परिजनों से बात कर सके।
इन नाविकों को पिछले वर्ष दिसम्बर में उस समय हिरासत में लिया गया था जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने संयुक्त अरब अमीरात के पास तेल टैंकर एमटी वैलियंट रोअर को जब्त कर लिया था। इस तेल टैंकर के चालक दल में 16 भारतीय तथा एक-एक श्रीलंकाई और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें से 10 को बंदर अब्बास जेल भेज दिया गया जबकि आठ अभी भी औपचारिक प्रक्रियाओं के पूरा होने की प्रतीक्षा में जहाज़ पर ही रखे गए हैं।
ईरान का आरोप है कि यह टैंकर लगभग 6,000 टन ईंधन की तस्करी में शामिल था जबकि चालक दल के परिजनों का कहना है कि जहाज़ में कम सल्फर वाला फ्यूल ऑयल लदा हुआ था।
जेल में रखे गए 10 नाविकों को 19 जनवरी को और टैंकर पर मौजूद आठ नाविकों को 22 जनवरी को कांसुलर पहुंच प्रदान की गई।
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