अबू धाबी , मार्च 26 -- खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने ईरान पर 'सभी सीमा' पार करने का आरोप लगाया है। मिसाइल हमलों, समुद्री खतरों और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से वैश्विक व्यापार में व्यवधान के कारण क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर में चिंता पैदा हो गयी है।

जीसीसी के महासचिव जासिम मोहम्मद अल बुदैवी ने तत्काल राजनयिक समाधान का आह्वान करते हुए चेतावनी दी कि खाड़ी देशों पर हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद करने सहित ईरान के कदम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने कहा, "अरब खाड़ी में स्थिति का बिगड़ना एक ऐसी चेतावनी होगी, जिसका विस्तार खाड़ी क्षेत्र से भी आगे तक होगा।"जीसीसी के ऊर्जा केंद्रों पर ईरानी हमलों को वैश्विक अर्थव्यवस्था पर 'क्रूर आक्रामकता' बताते हुए श्री अल बुदैवी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने का आर्थिक प्रभाव लंबी अवधि में वैश्विक आर्थिक विकास को प्रभावित करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीसीसी का उद्देश्य ईरान को 'नष्ट' करना नहीं, बल्कि उसके साथ 'अच्छे संबंध' बनाना है।

अमीरात ने गुरुवार को ईरान की ओर से दागी गयी 15 बैलिस्टिक मिसाइलों और 11 ड्रोनों को मार गिराने की सूचना दी, जिनके मलबों की चपेट में आने से अबू धाबी में दो लोगों की मौत हो गयी। जॉर्डन की सेना ने भी 24 घंटों के भीतर तीन ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है।

श्री अल-बुदैवी ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर अवैध शुल्क लगाने का भी आरोप लगाया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन है। सऊदी अरब और कुवैत की प्रमुख रिफाइनरियों को भी ईरानी हमलों में निशाना बनाया गया है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति 'अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी' है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज जो खतरा पैदा हुआ है वह और बढ़ सकता है, इसलिए तेल आपूर्ति शृंखलाओं को सुरक्षा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "जीसीसी देशों का संदेश राजनयिक समाधान और हमलों को रोकने के लिए है। दुनिया भर में हमारे भागीदारों के लिए हमारा मुख्य संदेश यह है कि वे ईरान को संयुक्त अंतरराष्ट्रीय संदेश भेजें कि वह जीसीसी देशों के खिलाफ अपने हमले तुरंत और बिना किसी शर्त के बंद करे।"इस संकट ने वैश्विक आर्थिक चिंताओं को जन्म दिया है। अमेरिका-ईरान के बीच परोक्ष वार्ताओं की खबरों के बीच तेल की कीमतों में पांच प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है।

ब्रेंट क्रूड बढ़कर 107.54 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्लूटीआई) 94.71 अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है।

इस बीच मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। पाकिस्तान, अमेरिका-ईरान के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है, वहीं मलेशिया ने पुष्टि की है कि क्षेत्रीय परामर्श के बाद उसके जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है।

विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक व्यापार में पिछले 80 वर्षों का सबसे बुरा व्यवधान पैदा हुआ है, जो इस संकट के दूरगामी प्रभाव को बताता है।

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