तेहरान , मार्च 07 -- ईरान में कई प्रमुख धार्मिक नेताओं ने देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के एक सप्ताह बाद नए सर्वोच्च नेता के शीघ्र चयन की मांग की है।

वरिष्ठ शिया धर्मगुरु आयतुल्लानासिर मकारेम शिराजी ने शनिवार को एक बयान में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स से जल्द कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को समय पर पूरा करने से राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी और शासन व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार दो अन्य प्रमुख धर्मगुरुओं ने भी इसी प्रकार की अपील की है। आयतुल्ला नूरी हमेदानी ने नेतृत्व के चुनाव की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया, जबकि आयतुल्ला अब्दुलकरीम आबेदिनी ने कहा कि यदि नए नेता के चयन में किसी प्रकार की देरी या कमी होती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित सभी लोगों पर होगी।

श्री आबेदिनी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य नहीं हैं।

इससे पहले शुक्रवार को ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की पत्नी जमीले आलमोलहोदा ने भी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स से जल्द नया सर्वोच्च नेता चुनने की अपील की थी, ताकि देश में मतभेद और विभाजन की स्थिति से बचा जा सके।

यह स्पष्ट नहीं है कि 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स अमेरिका और इज़रायल के हवाई हमलों के बाद से अब तक बैठक कर पाई है या नहीं।

विश्लेषकों का मानना है कि सैयद अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई संभावित उत्तराधिकारियों में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं, हालांकि पिछले एक सप्ताह से उनकी कोई सार्वजनिक उपस्थिति सामने नहीं आयी है। बताया गया है कि क़ोम शहर में स्थित असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की इमारत पिछले सप्ताह हुए हमलों में काफी क्षतिग्रस्त हो गयी थी।

इस बीच, इज़रायल ने संकेत दिया है कि खामेनेई के उत्तराधिकारी को भी निशाना बनाया जा सकता है। इज़रायल के रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि ईरानी शासन द्वारा नियुक्त कोई भी नेता, जो इज़रायल को नष्ट करने की योजना का नेतृत्व करेगा या ईरानी जनता को दबाने का प्रयास करेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा।

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