तेहरान , फरवरी 22 -- ईरान के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में छात्रों ने रविवार को रैलियां निकालकर हाल ही के विरोध प्रदर्शनों में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी की।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान विश्वविद्यालय के छात्रों ने केन्द्रीय पुस्तकालय के बाहर एकत्र होकर "तानाशाह मुर्दाबाद" के नारे लगाए। रिपोर्ट में 'यूनाइटेड स्टूडेंट्स' टेलीग्राम चैनल के हवाले से कहा गया कि मशहद के फ़िरदौसी विश्वविद्यालय, ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में भी छात्रों ने प्रदर्शन किए।

साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी और शरीफ यूनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारियों ने यह नारा भी लगाया, "हम अपने साथियों के खून की कसम खाते हैं, हम अंत तक डटे रहेंगे।"इस बीच, छात्र समाचार पत्र 'खाजे नसीर न्यूज़लेटर' के अनुसार, तेहरान स्थित खाजे नसीर विश्वविद्यालय के सैयद खंदान परिसर में रविवार सुबह सुरक्षा कड़ी कर दी गयी। छात्र उन लोगों की याद में 40वें दिन का स्मरण कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रहे थे, जो हालिया प्रदर्शनों में मारे गये थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, परिसर में प्रवेश केवल एक द्वार से सीमित कर दिया गया और सुरक्षा बलों के समन्वय से कई बसीज सदस्य कैंपस में दाखिल हुए। न्यूज़लेटर ने दावा किया कि बसीज एजेंट छात्रों की पहचान करने, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक या कानूनी मामले तैयार करने और प्रस्तावित सभा को हिंसा की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे थे।

स्थानीय समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, नए सेमेस्टर की शुरुआत पर शनिवार को भी कई विश्वविद्यालयों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए, जिनमें से कुछ स्थानों पर उनकी झड़पें सरकार समर्थक समूहों से हुईं।

ये प्रदर्शन उन लोगों की याद में होने वाले पारंपरिक 40वें दिन के शोक समारोहों के साथ हुए, जो पिछले महीने के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए थे। बताया गया है कि ये घटनाएं 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में सबसे भीषण आंतरिक अशांति में शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कथित तौर पर शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में मार्च करते छात्र ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को "हत्यारा नेता" बताते हुए नारे लगा रहे हैं और अपदस्थ शाह के निर्वासित पुत्र रेजा पहलवी को नया शासक बनाने की मांग कर रहे हैं।

सरकार से संबद्ध समाचार एजेंसियों एसएनएन ने झड़पों के वीडियो प्रसारित किए हैं, जिनमें दावा किया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंककर स्वयंसेवी छात्र बसीज मिलिशिया को घायल किया। बसीज सदस्य अक्सर सुरक्षा बलों के साथ मिलकर प्रदर्शनों को दबाने में सहायता करते हैं।

मानवाधिकार संगठन हालवश द्वारा जारी वीडियो के अनुसार, राजधानी तेहरान में बेहेश्ती और अमीर कबीर विश्वविद्यालयों तथा उत्तर-पूर्वी शहर मशहद विश्वविद्यालय में भी प्रदर्शन हुए, हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

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