तेहरान , अप्रैल 04 -- अमेरिका-इजरायल के हमलों के दौरान ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास गिरे मलबे से एक व्यक्ति की मौत हो गयी है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने शनिवार को यह जानकारी दी।
आईएईए ने ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया कि हमले के बाद विकिरण स्तर में कोई वृद्धि दर्ज नहीं की गयी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि युद्ध शुरू होने के बाद से बुशेहर संयंत्र पर चार बार हमला किया जा चुका है। उन्होंने इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और इजरायल ईरान के औद्योगिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, जबकि विशेषज्ञ परमाणु और पेट्रोकेमिकल प्रतिष्ठानों पर हमलों के जोखिम को लेकर चेतावनी दे रहे हैं।
आईएईए के महानिदेशक राफाएल ग्रोसी ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु स्थलों या उनके आसपास के क्षेत्रों को कभी निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि सहायक इमारतों में महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण हो सकते हैं। उन्होंने परमाणु दुर्घटना के खतरे से बचने के लिए अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपील भी दोहराई।
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ईरान परमाणु ऊर्जा संगठन ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि संयंत्र की एक सहायक इमारत को नुकसान पहुंचा है, जबकि मुख्य संयंत्र सुरक्षित है। मृतक सुरक्षा कर्मियों में से एक था।संगठन के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद यह चौथी बार है जब इस संयंत्र को निशाना बनाया गया है।
बुशेहर संयंत्र ईरान का एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो बुशेहर शहर में स्थित है और देश के प्रमुख औद्योगिक एवं सामरिक केंद्रों में से एक है।
इस बीच, विदेश मंत्री अराघची ने पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूक्रेन के जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास हुई घटनाओं पर जिस तरह की प्रतिक्रिया दी गयी थी, वैसी प्रतिक्रिया यहां नहीं दिख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विकिरण फैलाव होता है, तो उसका असर खाड़ी देशों की राजधानियों पर पड़ेगा।
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