तेहरान , मार्च 22 -- सीआईए और मोसाद सहित अमेरिका-इजरायल एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों ने शुक्रवार को नवरोज़ के दिन ईरान पर यह देखने के लिए ख़ास नज़र रखी कि नवनियुक्त सर्वोच्च नेता मोजतबा ख़ामेनेई पारंपरिक सार्वजनिक संबोधन देंगे या नहीं, लेकिन जब शाम को श्री खामेनेई की ओर से सिर्फ एक बयान जारी हुआ तो उनके स्वास्थ्य को लेकर अटकलें तेज़ हो गयीं।

उल्लेखनीय है कि श्री खामेनेई के पिता और ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता दिवंगत सैय्यद अली ख़ामेनेई हर साल नवरोज़ के दिन राष्ट्र के नाम एक संबोधन जारी करते थे। खुफिया एजेंसियों को उम्मीद थी कि इस बार पुत्र खामेनेई की ओर से भी संबोधन जारी होगा। त्योहार के बाद उनकी ओर से केवल एक लिखित संदेश जारी किया गया, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्री खामेनेई पहले से ही एक रहस्यमय व्यक्तित्व रहे हैं और अपने पिता अली खामेनेई के कार्यकाल के दौरान भी पर्दे के पीछे रहकर काम करते थे, हालांकि उन्हें निर्णय प्रक्रिया में प्रभावशाली माना जाता रहा है।

पिछले महीने अमेरिका-इजरायल हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद 9 मार्च को मोजतबा को सर्वोच्च नेता बनाया गया था, लेकिन तब से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दावा किया था कि हमले में वह घायल हुए और संभवतः विकृत भी हुए, हालांकि माना जा रहा है कि वह जीवित हैं और सक्रिय हैं।

तीन सप्ताह बीतने के बावजूद श्री मोजतबा का कोई वीडियो संदेश सामने नहीं आया है। अमेरिकी और इजरायली खुफिया आकलन के अनुसार वह जीवित हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी गतिविधियां सीमित हैं और उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों को रोका गया है।

इस अनिश्चितता को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी खुफिया ब्रीफिंग दी गयी है। एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने कहा, "हमारे पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि वही आदेश दे रहे हैं।"रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में अली लारिजानी की हत्या के बाद नेतृत्व का संकट और गहरा गया है, जिससे इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की भूमिका और मजबूत होती दिख रही है।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ईरानी शीर्ष नेतृत्व अब गुप्त रूप से काम कर रहा है, लगातार स्थान बदल रहा है और ट्रैकिंग से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक संचार से परहेज कर रहा है।

श्री खामेनेई के टेलीग्राम चैनल पर जारी नवरोज़ संदेश में एकता का आह्वान किया गया था और कुछ तस्वीरें साझा की गई थीं, जिनकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। इसके विपरीत, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने सुरक्षा जोखिम के बावजूद वीडियो संदेश जारी किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षा कारणों और संभावित चोटों के चलते श्री खामेनेई का सार्वजनिक रूप से सामने न आना स्वाभाविक हो सकता है और इससे उनकी कार्यक्षमता पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईरान की मौजूदा व्यवस्था इस नेतृत्व संकट को झेल पाएगी या नहीं, लेकिन स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ़ और रक्षा खुफिया एजेंसी के चीफ़ जेम्स एडम्स ने बंद दरवाज़ों के पीछे सांसदों को बताया कि ईरान एक बड़े नेतृत्व संकट का सामना कर रहा है, हालांकि अभी तक शासन के जल्द ही गिरने का कोई संकेत नहीं मिला है। इज़रायली अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सचिव अली लारीजानी की हत्या से सत्ता और ज़्यादा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के हाथों में चली गयी है, जिसके बारे में उनका मानना है कि वह अब और भी ज़्यादा हावी भूमिका निभा रहा है।

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