फर्रुखाबाद , मार्च 7 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि ईरान और इजरायल के बीच चल रहे गंभीर अंतरराष्ट्रीय तनाव के मुद्दे पर भारत की स्पष्ट आवाज सुनाई नहीं दे रही है, जबकि देश को शांति और संवाद के पक्ष में खुलकर बोलना चाहिए।

शनिवार को फर्रुखाबाद से लगभग 38 किलोमीटर दूर कायमगंज क्षेत्र के पितौरा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री खुर्शीद ने कहा कि भारत के इजरायल और ईरान दोनों देशों के साथ लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं। ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में भारत को संतुलित और स्पष्ट रुख अपनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति परंपरागत रूप से शांति, संतुलन और संवाद पर आधारित रही है। इसलिए पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। उनका कहना था कि भारत जैसे प्रभावशाली देश की चुप्पी अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई सवाल खड़े कर सकती है।

श्री खुर्शीद ने कहा कि भारत को दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को ध्यान में रखते हुए शांति और कूटनीतिक समाधान की दिशा में पहल करनी चाहिए। उन्होंने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों में भारत स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की स्थिति में नहीं दिख रहा है और अन्य देशों के दबाव में काम करता प्रतीत होता है।

रूस से तेल खरीदने के मुद्दे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से 30 दिन की अनुमति दिए जाने की बात सामने आई है, जो इस बात का संकेत देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपनी शर्तों पर काम करने के दावे पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने इसे समर्पण की स्थिति बताया।

इजरायल-गाजा मुद्दे पर सरकार के रुख पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमास का समर्थन नहीं करती, लेकिन मासूम बच्चों की मौत का विरोध करने का साहस भारत को दिखाना चाहिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित