तेहरान , दिसंबर 15 -- ईरान के परमाणु कार्यक्रम के नेता मोहम्मद उस्मानी ने ईरान के परमाणु ठिकानों के निरीक्षण की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की मांगों का सख्त विरोध किया है।

श्री उस्मानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय को यह मांग करने का कोई अधिकार नहीं है कि ईरान किसी को उसकी किसी भी क्षतिग्रस्त सुविधा की जांच करने की अनुमति दे।

उन्होंने कहा कि आईएईए के साथ उसके समझौते में ऐसा कोई प्रोटोकॉल नहीं था जो ईरान को क्षतिग्रस्त सुविधाओं की जांच के निकाय के अनुरोध का पालन करने के लिए बाध्य करता हो। उन्होंने जून में ईरान में इजराइल-अमेरिका के हवाई हमलों की निंदा करने में आईएईए की विफलता पर ईरान के गुस्से को दोहराया।

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी निकाय को अपने सभी अप्रभावित स्थलों तक पहुंच प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि सहमति के अनुसार निरीक्षण की अनुमति दी गई थी, जिससे उन सुविधाओं के बीच अंतर किया गया जो क्षतिग्रस्त नहीं थीं और जो सैन्य हमलों से प्रभावित हुई थीं।

श्री इस्लामी ने सरकारी मीडिया से कहा, "हमला किए गए परमाणु स्थलों के निरीक्षण के लिए अनुमति देने से पहले एक प्रोटोकॉल होना चाहिए। जिस एजेंसी ने न तो हमलों की निंदा की और न ही ऐसी स्थितियों के लिए कोई दिशा-निर्देश हैं, उसे निरीक्षण का दावा करने का कोई अधिकार नहीं है।" उन्होंने ई3 देशों इजराइल और अमेरिका द्वारा इस्लामी गणराज्य पर उनकी मांगों को मानने के लिए दबाव डालने के कदम की निंदा करते हुए दावा किया कि यह दबाव की रणनीति 'हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है और इसका कोई प्रभाव नहीं है।

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